कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने ईडन गार्डन्स में मुंबई इंडियंस को 4 विकेट से हरा दिया है। इस जीत से न केवल KKR की प्लेऑफ़ में पहुँचने की उम्मीदें बनी हुई हैं, बल्कि IPL के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड भी बन गया है।
इस सीज़न में अब तक खेले गए 65 मैचों में से 42 मैच उन टीमों ने जीते हैं, जिन्होंने दूसरी पारी में बल्लेबाजी (रन चेज़) की है। IPL के किसी एक सीज़न में लक्ष्य का पीछा करते हुए मिली जीतों की यह सबसे बड़ी संख्या है।
इससे पहले यह रिकॉर्ड IPL 2016 में बना था, जहाँ बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीमों ने 41 मैच जीते थे। IPL के पूरे इतिहास में केवल तीन सीज़न ऐसे रहे हैं जहाँ दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने वाली टीमों ने 40 या उससे ज़्यादा मैच जीते हैं:
- IPL 2011: 40 जीत
- IPL 2016: 41 जीत
- IPL 2026 (मौजूदा सीज़न): 42 जीत (नया रिकॉर्ड)
मुंबई इंडियंस की खराब शुरुआत
ईडन गार्डन्स में खेले गए इस रोमांचक मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को जीत के लिए 148 रनों का लक्ष्य मिला था। इससे पहले, अजिंक्य रहाणे के कहने पर मुंबई इंडियंस की टीम पहले बल्लेबाजी करने उतरी। पिच पर गेंद कभी घूम रही थी तो कभी रुक कर आ रही थी, जिसकी वजह से मुंबई के बल्लेबाजों को खेलने में काफी दिक्कत हुई।
केकेआर के गेंदबाज सौरभ दुबे और कैमरन ग्रीन ने शुरुआती ओवरों में ही मुंबई को बड़े झटके दिए। इसके चलते पावरप्ले (शुरुआती 6 ओवर) के अंदर ही मुंबई इंडियंस ने 46 रन पर अपने 4 विकेट खो दिए। इस पूरे सीज़न में मुंबई की टीम के साथ ऐसा बार-बार हुआ है, जहाँ उनका टॉप-ऑर्डर (शुरुआती बल्लेबाज) जल्दी आउट होकर टीम को मुश्किल में डाल देता है।
हार्दिक पांड्या और तिलक वर्मा ने मिलकर टीम को कुछ हद तक संभाला और दोनों के बीच 43 रनों की साझेदारी हुई। हालाँकि, इस साझेदारी में 49 गेंदें खर्च हो गईं, जिससे रन बनाने की गति में कोई खास तेज़ी नहीं आ पाई। बीच के ओवरों में सुनील नरेन की कसी हुई गेंदबाजी ने मुंबई को और भी ज़्यादा बांधे रखा।नरेन ने अपने चार ओवर के स्पेल में सिर्फ़ 13 रन ही दिए। अंत में कॉर्बिन बॉश की ताबड़तोड़ बल्लेबाज़ी की बदौलत मुंबई एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुँचने में कामयाब रही और उसने 147/8 के स्कोर पर अपनी पारी समाप्त की।
मनीष पांडे और रोवमैन पॉवेल ने KKR को जीत दिलाई
KKR की शुरुआत भी कुछ ख़ास नहीं थी। फिन एलन के जल्दी आउट होने से ही मैच में एक तनावपूर्ण माहौल बन गया था। एलन के अलावा रहाणे और कैमरन ग्रीन भी सस्ते में आउट हो गए थे। हालाँकि मैच का रुख फिर से बदल गया, जब मनीष पांडे और रोवमैन पॉवेल ने इरादे के साथ पारी को संभाला। मनीष पांडे ने 33 गेंदों में 45 रन बनाए, जबकि पॉवेल ने 40 रन जोड़े, जिससे KKR ने अपने घरेलू मैदान पर चार विकेट से जीत दर्ज की।
इसके साथ ही, KKR प्लेऑफ़ की दौड़ में बनी हुई है। उन्होंने अब 13 मैचों में 13 अंक हासिल कर लिए हैं। अब अगर पंजाब किंग्स और राजस्थान रॉयल्स अपने आखिरी लीग मैच क्रमशः LSG-MI के खिलाफ हार जाते हैं और KKR दिल्ली के सामने जीत जाता है, तो वे टॉप चार में जगह बना लेंगे।

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