एक जाने-माने बड़े बिज़नेसमैन का बयान आजकल सोशल मीडिया से लेकर फाइनेंशियल जगत तक चर्चा का विषय बना हुआ है। आमतौर पर बड़े बिज़नेसमैन सिस्टम के खिलाफ बोलने से हिचकिचाते हैं। हालांकि इस बिज़नेसमैन ने बिना किसी डर के सरकार और प्रशासनिक सिस्टम की असलियत सामने रखी है। उन्होंने सीधे तौर पर कहा है कि, देश में फैले भ्रष्टाचार की वजह से आज आम आदमी का जीवन मुश्किल हो गया है।
किसने बड़ा दावा किया?
ज़ोहो (Zoho) के फाउंडर श्रीधर वेम्बू ने भारत में तेज़ी से बढ़ती महंगाई और रियल एस्टेट की कीमतों को लेकर एक बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि, देश में घुसे राजनीतिक और प्रशासनिक भ्रष्टाचार की वजह से ही आज ज़मीन और घरों की कीमतें बढ़ रही हैं।
वेम्बू के मुताबिक, भले ही भारत के लोगों की औसत आय विकसित देशों के मुकाबले काफी कम है लेकिन चेन्नई और बेंगलुरु जैसे मेट्रो शहरों में ज़मीन की कीमतें अब अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर के स्तर तक पहुँच गई हैं।
सबसे बड़ी वजह क्या है?
इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि, भ्रष्टाचार और राजनीति से कमाया गया काला धन बड़े पैमाने पर रियल एस्टेट मार्केट में छिपाया जा रहा है, जिससे ज़मीन की कीमतें कृत्रिम रूप से बढ़ गई हैं। इसके अलावा, इमारतों और सोसायटियों के लिए सरकारी मंज़ूरी की प्रक्रिया में रिश्वतखोरी से घर बनाने की लागत और बढ़ जाती है।
The economic and demographic effects of corruption.
Cost of land in our urban areas is far higher than what our GDP per capita would dictate. The ratio of land value to per capita GDP is probably higher in India than anywhere else. As an example, land prices in Chennai or…
— Sridhar Vembu (@svembu) June 27, 2026
रियल एस्टेट की बढ़ती लागत का असर घरों तक ही सीमित नहीं है। यह आम आदमी के पूरे जीवन को भी महंगा बना रहा है। ज़मीन और कंस्ट्रक्शन की लागत की वजह से दुकानदारों को ज़्यादा किराया देना पड़ता है, जिससे रोज़मर्रा की घरेलू चीज़ें महंगी हो जाती हैं।
शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी यही खेल चल रहा है, जहाँ प्राइवेट स्कूलों और अस्पतालों को सरकारी नियमों एवं कागज़ी कार्रवाई के नाम पर भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ता है। आखिरकार, इसका बोझ आम लोगों पर ही पड़ता है; भारी-भरकम स्कूल फीस और महंगे इलाज के रूप में।
श्रीधर वेम्बू ने चेतावनी दी
श्रीधर वेम्बू ने चेतावनी दी है कि, कमर तोड़ देने वाले इस आर्थिक बोझ का देश की आबादी पर बहुत गंभीर और चिंताजनक सामाजिक असर पड़ रहा है। जब आज का युवा हर तरफ़ इतनी भारी महंगाई देखता है, तो वह भारी खर्चों के डर से शादी का फ़ैसला टालने लगता है।

दूसरी बात, जो लोग शादी कर रहे हैं, वे या तो बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और परवरिश के खर्च के डर से बच्चे पैदा करने का फ़ैसला टाल रहे हैं या फिर सिर्फ़ एक बच्चे पर ही रुक रहे हैं।
वेम्बू ने एक खास उदाहरण देते हुए कहा कि, तमिलनाडु देश के सबसे तेज़ी से शहरीकरण वाले राज्यों में से एक है, जहाँ बच्चों के जन्म की दर खतरनाक स्तर तक गिर गई है। समाज के अस्तित्व के लिए भ्रष्टाचार को एक बड़ा खतरा बताते हुए उन्होंने कहा कि, तमिलनाडु में आबादी में इस गिरावट के पीछे बढ़ती महंगाई एक बड़ी वजह है।

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